Physical Address

304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124

⚡️मुंबई में सनसनी: समुद्र किनारे की हत्या – जब लहरों के साथ बहा इंसानियत का खून! 🌊🔪

⚡️मुंबई में सनसनी: समुद्र किनारे की हत्या – जब लहरों के साथ बहा इंसानियत का खून! 🌊🔪

1. मध्यरात्रि भयानक खोज

०:१५ बजे सुबह १५ नवम्बर २०२४ को, जब समुद्र के किनारे हन थुएन वाटरफ्रंट (Han Thuyên Waterfront) की हवा अभी कड़क रही थी, अचानक एक चीख़ गूँजी। समुद्र की लहरें शांत-सी थीं, पर उस शाम वहाँ एक नरसंहार की चुप्पी टूटी।
एक स्थानीय-व्यायाम करने वाला व्यक्ति वहाँ पहुँचा और देखा कि एक पुरुष ठण्डे सीमेंट के फर्श पर पड़ा है, खून बिखरा हुआ है, उसकी कमीज़ खून से लथपथ है, गला और छाती पर दर्जनों घाव हैं। दृश्य इतना डरावना था कि हर कोई सिहर उठा। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
१० मिनट के भीतर, फान थीयेत सिटी पुलिस पहुँच गई और घटनास्थल को बंद कर दिया। रात ही एक विशेष टीम गठित कर दी गई।
पीड़ित के शरीर में २० से अधिक घाव थे, जिनमें से कई छाती-हृदय-फेफड़ों के पास थे — फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने बहुत तेज, बहुत निर्णायक काम किया था।
पीड़ित जल्दी ही पहचाना गया — श्री पी. वी. एस., उम्र ४८ वर्ष, निवासी बिन्ह हुंग वार्ड (Bình Hưng)-फान थीयेत। वह शांत स्वभाव के, अकेले रहने वाले पुरुष थे, सामाजिक रूप से कम सक्रिय।


2. पहली सुरागें

घटनास्थल पर टीम ने निम्नलिखित पाया:

  • एक टूट-फूट वाला मोबाइल फोन, शव से कुछ मीटर दूरी पर।

  • एक फल छीलने वाला चाकू (vỏ dao gọt trái cây) खून लगा हुआ, पास की बालू पर।

  • एक अजीब जूते का निशान, कैलिबर ४१, सीमेंट-ग्राउंड पर गहरा छपा हुआ।

  • खून की धाराएँ एक छोटे-से गली की ओर जा रही थीं, जो बाउंड वॉल (waterfront wall) के पीछे थी।
    सीमेंट पर पुरानी लैंप की पीली रोशनी में खून-के दाने-खून-के पग-निशान लग रहे थे — मानो संघर्ष, बचने-की कोशिश की पूरी कहानी स्वयं बयाँ कर रहे हों।
    कैमरों के फुटेज से पता चला कि रात लगभग २३:३० बजे पीड़ित श्री एस. एक युवक के साथ थे — युवक लंबा, दुबला, टोपी-के साथ, काली जैकेट पहने। दोनों वॉक करते हुए बाउंड वॉल की ओर जा रहे थे। उसके बाद युवक अकेले ०:०५ बजे लौटता देखा गया।


3. उस रात का “छाया” पीछा

कैमरा फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी की रूप-रेखा बनाई: लगभग ३० वर्ष की उम्र, लम्बा, चेहरे पर कठोर भाव, छोटे बाल। आसपास के लोग बताते हैं कि उन्होंने अक्सर उस युवक को एक छोटे-किराये के कमरे के पास देखा है, जो दुक थांग वार्ड (Đức Thắng Ward) में है।
लगभग २४ घंटे जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को पहचाना — त्रान लू आन्ह बाख (Trần Lưu Anh Bạch), उम्र ३२ वर्ष, निवासी उक्त वार्ड।
जब उससे पूछताछ की गई, तो बाख बेहद शांत था, बिल्कुल निर्जीव-सा। उसने कहा, “मैं एस. नामक किसी से परिचित नहीं हूँ।” हालांकि, फॉरेंसिक परीक्षणों ने साबित किया कि आरोपी की जैकेट पर खून का नमूना पीड़ित के साथ एडीएन मेल खाता है। घटनास्थल पर मिली चाकू-की ट्रायल से पता चला कि वही चाकू उसी इलाके की दुकान से खरीदा गया था, जहाँ आरोपी रहता था।
काठिन परिस्थिति में आते-आते, बाख ने दस मिनट शोर न किये — फिर बोला,

“मैं केवल बात करना चाहता था… पता नहीं ये होने लगा।”


4. भयावह पूछताछ

त्रान लू आन्ह बाख ने बताया कि उसने पीड़ित से सोशल मीडिया पर संपर्क किया था। वे कई बार मिल चुके थे एक समुद्र-किनारे कॉफीहाऊस में। कुछ समय बाद, दोनों के बीच पैसों और व्यक्तिगत संबंधों को लेकर विवाद हो गया।
उस रात, बाख ने ठाना कि वह श्री एस. से मिलकर “समाप्त बात” करेगा। उन्होंने बाउंड वॉल के पास बात करने कबूला, जहाँ बहुत कम लोग होते हैं। बातचीत जल्दी गाली-गलोच में बदल गई। गुस्से में, बाख ने जैकेट की जेब से चाकू निकाला और लगातार वार किए।

“मुझे बस याद है कि खून मेरे चेहरे पर छिटका, मैं डर गया … पर हाथ रुक नहीं सके।” — उसने आंसुओं में बताया।
शव गिरते ही वह भगा, कमरे पर गया, कपड़े बदले, चाकू फेंका, नहाया-धोया, अगले दिन सुबह बिहार या बांग्लदेश (उदाहरण) भागने की तैयारी भी थी। पर वो भाग न सका — पकड़ लिया गया।


5. मामले का समापन – न्याय की किरण

फॉरेंसिक रिपोर्ट, एडीएन, फिंगरप्रिंट और आरोपी की गवाही सब-कुछ घटनास्थल से मेल खाता पाया गया। जांचकर्ता ने बाख पर धारा १२३, उपधारा १ (हत्या) की त जा रही गंभीर परिस्थितियों के साथ मुकदमा चलाया।
२१ नवम्बर २०२४ को, जब उसे पुनः घटनास्थल दिखाया गया, बाख ने सिर झुका रखा था, उसकी आँखें खाली-सा झाँक रही थीं समुद्र की ओर। लहरें निरंतर ठहाका मार रही थीं — मानो उन अपराधों को बहा ले जाने को तैयार।


6. समापन विचार

“एक क्षण का गुस्सा, एक मानव की मृत्यु, एक जीवन जंजीरों में धँस गया।” — थॉजँटा (Narrator) श्री ए. टी. (उदा.) ने साझा किया।
यह मामला अब बंद हो गया है, पर उस रात की सिहरन, उन लोंगो की यादें जिन्हें घटना ने झकझोर दिया — अभी भी जीवित हैं। वो बाउंड वॉल — जो कभी प्रेमियों का ठिकाना था — अब उस सड़क से गुजरते समय लोग थम-सा जाते हैं, दिल में सवाल लिए कि आखिर क्या ऐसी तीव्र क्रूरता को जन्म देती है?


अगर चाहें, तो मैं इस कहानी को हिंदी में देवनागरी लिपि में भी तैयार कर सकता हूँ, या स्थानीय भारतीय शहर-नाम (जैसे मुम्बई, कोलकाता आदि) के साथ फिर से अनुकूलित कर सकता हूँ।

Để lại một bình luận

Email của bạn sẽ không được hiển thị công khai. Các trường bắt buộc được đánh dấu *